*दवा लेने निकले थे… घर लौटी सिर्फ मौत की खबर*
*अजगैन हादसे में 27 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया*
उन्नाव।
कहते हैं किस्मत कब क्या मोड़ ले ले, कोई नहीं जानता। अजगैन क्षेत्र में शुक्रवार को हुआ हादसा भी कुछ ऐसा ही है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को पल भर में ग़म में डुबो दिया। पत्नी की दवा लेने लखनऊ निकले 27 वर्षीय युवक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई। शाम ढलने से पहले जहां घर में इलाज की उम्मीद थी, वहीं कुछ ही देर में मातम पसर गया।
मृतक की पहचान थाना आसीवन क्षेत्र के उदसा गांव निवासी अब्दुल हसन पुत्र स्वर्गीय मुन्ने मियां के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार पत्नी की तबीयत खराब थी, उसी की दवा लाने के लिए अब्दुल घर से निकले थे। लेकिन यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया।
अचानक छिन गई जिंदगी
अजगैन के पास तेज रफ्तार एक अज्ञात वाहन ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि अब्दुल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद वाहन चालक फरार हो गया। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दो मासूमों के सिर से उठा साया
अब्दुल हसन अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी शादी को छह वर्ष हो चुके थे और घर में दो छोटे-छोटे बेटे हैं। पिता की मौत की खबर मिलते ही बच्चों को सीने से लगाए पत्नी बेसुध हो गई। घर में चीख-पुकार मच गई, आंखें सूख गईं लेकिन आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
गांव में पसरा सन्नाटा
हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम थी और हर जुबान पर एक ही सवाल—“अगर वह दवा लेकर लौट आता तो…”
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन परिवार के लिए यह जांच अब सिर्फ औपचारिक रह गई है।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही की कीमत को उजागर करता है—जहां एक पल में किसी का सब कुछ उजड़ जाता है, और पीछे रह जाते हैं सिर्फ आंसू, सिसकियां और अधूरी जिंदगी।
रिपोर्ट सर्वेश खान







